Lucknow Defence Corridor: लखनऊ डिफेंस कॉरिडोर अब सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का हब बनने जा रहा है. DRDO के लिए 10 हेक्टेयर जमीन पर आधुनिक सेमीकंडक्टर फैक्ट्री स्थापित की जाएगी. यह प्रोजेक्ट न केवल भारत की रक्षा जरूरतों को पूरा करेगा बल्कि देश को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में भी बड़ा कदम देगा.

Lucknow Defence Corridor: रोजगार के नए अवसर
इस फैक्ट्री से रोजगार की संभावनाएं भी मजबूत होंगी. शुरुआती चरण में लगभग 150 इंजीनियर्स और 500 मजदूरों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा. साथ ही, अप्रत्यक्ष रूप से छोटे उद्योगों, सप्लाई चेन और स्थानीय कारोबारियों को भी फायदा होगा. इससे लखनऊ और आसपास के इलाकों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी.
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तकनीक ट्रांसफर से मिलेगा फायदा
इस प्रोजेक्ट की खासियत यह होगी कि इसमें उन्नत तकनीक का ट्रांसफर विदेशी सहयोग से किया जाएगा. हाई-एंड सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए जो टेक्नोलॉजी अभी भारत में उपलब्ध नहीं है, वह बाहर से लाकर यहां लागू की जाएगी. इससे देश के इंजीनियर्स और टेक्निकल वर्कर्स को भी नए स्किल्स सीखने का मौका मिलेगा.
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता
DRDO की यह फैक्ट्री सीधे तौर पर रक्षा उपकरणों और अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों के लिए सेमीकंडक्टर सप्लाई करेगी. इससे भारत को रक्षा क्षेत्र में इंपोर्ट पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी. साथ ही, यह कदम मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत मिशन के लिए मील का पत्थर साबित होगा.
भविष्य की दिशा
लखनऊ डिफेंस कॉरिडोर में यह सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट आने वाले समय में और बड़ी इंडस्ट्रीज को आकर्षित करेगा. विशेषज्ञ मानते हैं कि इस फैक्ट्री की सफलता से भारत की टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में जबरदस्त इजाफा होगा. इससे न सिर्फ रक्षा क्षेत्र बल्कि नागरिक इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री को भी लंबे समय तक फायदा पहुंचेगा.